Class 11 Hindi Chapter 13 Ghazal Question Answer (NCERT Solutions)
Class 11 Hindi Chapter 13 Ghazal Question Answer (NCERT Solutions)
Welcome to The Social Class. In this post, we provide detailed NCERT Solutions for Class 11 Hindi Aroh Chapter 13. This chapter features a famous Ghazal by the revolutionary poet Dushyant Kumar, taken from his collection ‘Saaye Mein Dhoop’. The ghazal is a powerful satire on the socio-political system and the apathy of the common man.
Read Previous Chapters:
- Chapter 7: Jamun Ka Ped Question Answer
- Chapter 8: Bharat Mata Question Answer
- Chapter 9: Kabir Ke Pad Question Answer
- Chapter 10: Meera Ke Pad Question Answer
- Chapter 11: Ghar Ki Yaad Question Answer
- Chapter 12: Champa Kale Kale Achhar Nahi Cheenhati
NCERT Textbook Questions (Ghazal Ke Saath)
उत्तर: यहाँ ‘गुलमोहर’ का प्रयोग केवल एक फूलदार वृक्ष के अर्थ में नहीं, बल्कि एक सांकेतिक अर्थ में हुआ है।
- ‘गुलमोहर’ यहाँ मानवीय मूल्यों, स्वाभिमान, सपनों और आदर्शों का प्रतीक है।
- कवि कहना चाहता है कि यदि हम जिएं, तो अपने आदर्शों और मानवीय मूल्यों (अपने बगीचे) के साथ जिएं।
- और यदि मरें, तो दूसरों की भलाई और समाज के लिए (गैर की गलियों में) संघर्ष करते हुए मरें। यह शब्द व्यक्ति के निजी सुख और सामाजिक दायित्व दोनों को सुंदरता से व्यक्त करता है।
उत्तर:
- चिरागाँ (बहुवचन): इसका अर्थ है ‘ढेर सारे दीपक’ या अत्यधिक रोशनी। यह जन-सुविधाओं और खुशहाली की प्रचुरता का प्रतीक है जो नेताओं ने हर घर के लिए देने का वादा किया था।
- चिराग (एकवचन): इसका अर्थ है ‘एक दीपक’ या थोड़ी सी रोशनी। यह न्यूनतम आवश्यकताओं का प्रतीक है।
“न हो कमीज़ तो पाँवों से पेट ढँक लेंगे,
ये लोग कितने मुनासिब हैं इस सफ़र के लिए।”
उत्तर: यहाँ दुष्यंत का इशारा भारत की गरीब, शोषित और संघर्षहीन जनता की ओर है।
ये वे लोग हैं जो अपने अधिकारों के लिए लड़ते नहीं हैं, बल्कि अभावों में जीना सीख लेते हैं। अगर उनके पास पहनने को कमीज़ नहीं है (साधन नहीं हैं), तो वे विरोध करने के बजाय अपने पैरों से पेट ढँककर (समझौता करके) चुपचाप सो जाते हैं। शासक वर्ग के लिए ऐसे ही ‘गूंगे और बहरे’ लोग मुनासिब (उपयुक्त) होते हैं क्योंकि इनसे उनकी सत्ता को कोई खतरा नहीं होता।
“तेरा निज़ाम है सिल दे ज़ुबान शायर की,
ये एहतियात ज़रूरी है इस बहर के लिए।”
उत्तर:
- तेरा निज़ाम है: इसका अर्थ है ‘तुम्हारा शासन’ या सत्ता। कवि शासक वर्ग को संबोधित कर रहा है।
- सिल दे ज़ुबान शायर की: सत्ताधारी लोग अक्सर कवियों और विरोधियों की आवाज़ को दबाना (सेंसरशिप लगाना) चाहते हैं ताकि उनकी कमियां बाहर न आएं।
- ये एहतियात ज़रूरी है इस बहर के लिए: जिस प्रकार गज़ल के छंद (बहर) को सही रखने के लिए शब्दों का बंधन ज़रूरी है, उसी प्रकार शासक को लगता है कि अपनी सत्ता (निज़ाम) को बनाए रखने के लिए विद्रोह की आवाज़ को कुचलना ज़रूरी है।
Explore more solutions for Class 11 Hindi Aroh:
Chapter 1: Namak Ka Daroga | Chapter 2: Miya Nasiruddin | Chapter 5: Galta Loha
