Class 10 Hindi Chapter 5 Top Question Answer (NCERT Solutions)
Class 10 Hindi Chapter 5 Top Question Answer (NCERT Solutions)
Welcome to The Social Class. In this post, we provide comprehensive NCERT Solutions for Class 10 Hindi Sparsh Chapter 5. The poem “Top” (तोप) is written by Viren Dangwal. It uses the metaphor of an old cannon from the 1857 revolt to teach us about the importance of heritage and how even the mightiest powers eventually become silent.
Read Previous Chapters:
- Chapter 1: Sakhi (Kabir) Question Answer
- Chapter 2: Meera Ke Pad Question Answer
- Chapter 3: Manushyata Question Answer
- Chapter 4: Parvat Pradesh Mein Pavas Question Answer
NCERT Textbook Questions (Prashn-Abhyas)
उत्तर: विरासत में मिली चीजों की बड़ी सँभाल इसलिए होती है क्योंकि:
- ये हमें हमारे पूर्वजों और इतिहास की याद दिलाती हैं।
- इनसे हमें अपनी संस्कृति, परंपराओं और अतीत की गलतियों या उपलब्धियों का ज्ञान होता है।
- जैसे कंपनी बाग की तोप हमें 1857 के स्वतंत्रता संग्राम और अंग्रेजों के अत्याचारों की याद दिलाती है, ताकि हम भविष्य में ऐसी गलतियाँ न दोहराएँ।
उत्तर: इस कविता में तोप का विषय यह है कि यह तोप 1857 के स्वतंत्रता संग्राम के समय बहुत शक्तिशाली और भयानक थी। इसने बड़े-बड़े वीरों (सूरमाओं) की धज्जियाँ उड़ा दी थीं। लेकिन आज यह केवल एक प्रदर्शन की वस्तु बनकर रह गई है, जिस पर बच्चे खेलते हैं और चिड़ियाँ बैठती हैं। यह बताती है कि कोई भी शक्ति हमेशा के लिए नहीं रहती।
उत्तर: तोप कंपनी बाग के मुहाने (प्रवेश द्वार) पर रखी गई है। इसे बहुत संभालकर रखा गया है और साल में दो बार (15 अगस्त और 26 जनवरी) चमकाया जाता है।
उत्तर: तोप अपने बारे में बताती है कि:
- अपने ज़माने में वह बहुत जबरदस्त और शक्तिशाली थी।
- उसने अच्छे-अच्छे शूरवीरों के छक्के छुड़ा दिए थे।
- वह कंपनी बाग में आने वाले सैलानियों को यह संदेश देती है कि अत्याचार कितना भी बड़ा क्यों न हो, उसका अंत एक दिन जरूर होता है।
उत्तर: तोप को साल में दो बार विशेष रूप से चमकाया जाता है—स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) और गणतंत्र दिवस (26 जनवरी) के अवसरों पर।
भाव स्पष्ट कीजिए
भाव: कवि कहते हैं कि अब तोप का डर खत्म हो चुका है। उसकी स्थिति दयनीय हो गई है। जब छोटे बच्चे इस पर घुड़सवारी (खेलना) करके हट जाते हैं, तो चिड़ियाँ इस पर बैठकर चहचहाती हैं। यह दिखाता है कि जो तोप कभी आग उगलती थी, आज वह पक्षियों और बच्चों के खेलने का साधन बनकर रह गई है। उसकी वह दहशत अब समाप्त हो चुकी है।
भाव: यह पंक्तियाँ कविता का मूल संदेश देती हैं। गौरैयाँ अक्सर तोप के मुँह के अंदर घुस जाती हैं, जो यह प्रतीकात्मक संदेश देता है कि कोई भी अत्याचारी शक्ति या सत्ता कितनी ही बड़ी और ताकतवर क्यों न हो, एक न एक दिन उसका अंत निश्चित है। हिंसा और आतंक का शासन हमेशा नहीं चल सकता, अंततः उसे शांत (मुँह बंद) होना ही पड़ता है।

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